श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 16: बृहस्पतिद्वारा अग्नि और इन्द्रका स्तवन तथा बृहस्पति एवं लोकपालोंकी इन्द्रसे बातचीत  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.16.21 
बृहस्पतिरुवाच
मानुषो नहुषो राजा देवर्षिगणतेजसा।
देवराज्यमनुप्राप्त: सर्वान् नो बाधते भृशम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
बृहस्पति बोले - देवेन्द्र! मनुष्य लोक के राजा नहुष ने ऋषियों के प्रभाव से देवताओं का राज्य प्राप्त कर लिया है, इससे हम सब लोगों को बड़ा कष्ट हो रहा है।
 
Brihaspati said - Devendra! The king of the human world, Nahush, has attained the kingdom of the gods due to the influence of the sages, and this is causing great trouble to all of us.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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