श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 16: बृहस्पतिद्वारा अग्नि और इन्द्रका स्तवन तथा बृहस्पति एवं लोकपालोंकी इन्द्रसे बातचीत  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.16.14 
महासुरो हत: शक्र नमुचिर्दारुणस्त्वया।
शम्बरश्च बलश्चैव तथोभौ घोरविक्रमौ॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे इन्द्र! आपने नमुचि नामक अत्यन्त भयंकर राक्षस का वध किया है। शम्बर और बल दोनों ही अत्यन्त शक्तिशाली राक्षस थे; किन्तु आपने उनका भी वध कर दिया है॥ 14॥
 
Indra! You have killed a very fearsome demon named Namuchi. Shambar and Bala were both very powerful demons; but you killed them too.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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