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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 159: धृतराष्ट्र और संजयका संवाद  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.159.9 
शृणुष्वानवशेषेण वदतो मम पार्थिव।
य आत्मनो दुश्चरितादशुभं प्राप्नुयान्नर:।
न स कालं न वा देवानेनसा गन्तुमर्हति॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! मैं आपसे सब कुछ कह रहा हूँ, कृपया सुनिए। जो मनुष्य अपने बुरे आचरण के कारण बुरे फल पाता है, वह काल या देवताओं को दोष देने का अधिकारी नहीं है।
 
O king! I am telling you everything, please listen. A person who gets bad results due to his bad conduct is not entitled to blame time or the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)