Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.158.32-34: मैंने युद्ध में सफलता के लिए रुद्र, इन्द्र, यम, कुबेर, वरुण, अग्नि, कृपाचार्य, द्रोणाचार्य और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की है। मैं तेजस्वी, बलवान और दिव्य गाण्डीव धनुष धारण करता हूँ। मेरे पास अक्षय बाणों से भरा हुआ तरकश है और दिव्य अस्त्रों के ज्ञान से मेरी शक्ति बढ़ गई है। हे नरश्रेष्ठ! फिर मेरे जैसा पुरुष सुयश का नाश करने वाले शब्द वाले वज्रधारी इन्द्र के सामने भी 'मैं भयभीत हूँ' कैसे कह सकता है? 32-34॥ | mahabharat अध्याय 5.158: रुक्मीका सहायता देनेके लिये आना; परंतु पाण्डव और कौरव दोनों पक्षोंके द्वारा कोरा उत्तर पाकर लौट जाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने युद्ध में सफलता के लिए रुद्र, इन्द्र, यम, कुबेर, वरुण, अग्नि, कृपाचार्य, द्रोणाचार्य और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की है। मैं तेजस्वी, बलवान और दिव्य गाण्डीव धनुष धारण करता हूँ। मेरे पास अक्षय बाणों से भरा हुआ तरकश है और दिव्य अस्त्रों के ज्ञान से मेरी शक्ति बढ़ गई है। हे नरश्रेष्ठ! फिर मेरे जैसा पुरुष सुयश का नाश करने वाले शब्द वाले वज्रधारी इन्द्र के सामने भी 'मैं भयभीत हूँ' कैसे कह सकता है? 32-34॥
I have worshiped Rudra, Indra, Yama, Kuber, Varun, Agni, Kripacharya, Dronacharya and Lord Shri Krishna for success in war. I hold the bright, strong and divine Gandiva bow. I have a quiver full of inexhaustible arrows and my power has increased with the knowledge of divine weapons. Narashrestha! Then how can a man like me say, 'I am scared' even in front of Indra, wielding the thunderbolt, a word that destroys Suyash? 32-34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥