Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.158.19-20h: पाण्डवों ने रुक्मी का यथोचित आदर-सत्कार किया और उसकी बहुत प्रशंसा की। रुक्मी ने भी उन सबको प्रेमपूर्वक स्वीकार किया और अपने सैनिकों के साथ विश्राम किया॥19 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 5.158: रुक्मीका सहायता देनेके लिये आना; परंतु पाण्डव और कौरव दोनों पक्षोंके द्वारा कोरा उत्तर पाकर लौट जाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 158: रुक्मीका सहायता देनेके लिये आना; परंतु पाण्डव और कौरव दोनों पक्षोंके द्वारा कोरा उत्तर पाकर लौट जाना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  5.158.19-20h 
स पूजित: पाण्डुपुत्रैर्यथान्यायं सुसंस्तुत:॥ १९॥
प्रतिगृह्य तु तान् सर्वान् विश्रान्त: सहसैनिक:।
 
 
अनुवाद
पाण्डवों ने रुक्मी का यथोचित आदर-सत्कार किया और उसकी बहुत प्रशंसा की। रुक्मी ने भी उन सबको प्रेमपूर्वक स्वीकार किया और अपने सैनिकों के साथ विश्राम किया॥19 1/2॥
 
The Pandavas honoured Rukmi with due respect and praised him profusely. Rukmi too accepted them all lovingly and rested with his soldiers.॥ 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)