तस्माद् यास्यामि तीर्थानि सरस्वत्या निषेवितुम्।
न हि शक्ष्यामि कौरव्यान् नश्यमानानुपेक्षितुम्॥ ३४॥
अनुवाद
अतः मैं सरस्वती नदी के तट पर स्थित तीर्थों का दर्शन करने जाऊँगा, क्योंकि जब मैं कुरुवंश को उस अवस्था में नष्ट होते देखूँगा, तो उनकी उपेक्षा नहीं कर सकूँगा। ॥ 34॥
"Therefore I will go to visit the holy places situated on the banks of river Sarasvati because I will not be able to ignore the Kuru dynasty when I see them perishing in that state." ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥