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mahabharat 5.157.20-21: उन्हें देखकर धर्मराज युधिष्ठिर, पराक्रमी श्रीकृष्ण, महाबली कुन्तीपुत्र भीमसेन तथा वहाँ उपस्थित अन्य सभी राजागण खड़े हो गए ॥20-21॥   |   mahabharat अध्याय 5.157: युधिष्ठिरके द्वारा अपने सेनापतियोंका अभिषेक, यदुवंशियोंसहित बलरामजीका आगमन तथा पाण्डवोंसे विदा लेकर उनका तीर्थयात्राके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 157: युधिष्ठिरके द्वारा अपने सेनापतियोंका अभिषेक, यदुवंशियोंसहित बलरामजीका आगमन तथा पाण्डवोंसे विदा लेकर उनका तीर्थयात्राके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 20-21
 
 
श्लोक  5.157.20-21 
तं दृष्ट धर्मराजश्च केशवश्च महाद्युति:॥ २०॥
उदतिष्ठत् तत: पार्थो भीमकर्मा वृकोदर:।
गाण्डीवधन्वा ये चान्ये राजानस्तत्र केचन॥ २१॥
 
 
अनुवाद
उन्हें देखकर धर्मराज युधिष्ठिर, पराक्रमी श्रीकृष्ण, महाबली कुन्तीपुत्र भीमसेन तथा वहाँ उपस्थित अन्य सभी राजागण खड़े हो गए ॥20-21॥
 
Upon seeing them, Dharmaraja Yudhishthira, the mighty Sri Krishna, the fierce-spirited son of Kunti, Bhimasena, and all the other kings present there, all stood up. ॥20-21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)