श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.156.9 
ततस्ते ब्राह्मणाश्चक्रुरेकं सेनापतिं द्विजम्।
नये सुकुशलं शूरमजयन् क्षत्रियांस्तत:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर ब्राह्मणों ने एक वीर और बुद्धिमान ब्राह्मण को अपना सेनापति नियुक्त किया और क्षत्रियों पर विजय प्राप्त की।
 
On hearing this the Brahmins appointed a valiant and wise Brahmin as their commander and conquered the Kshatriyas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)