श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  5.156.31 
सैनापत्ये यदा राजा गाङ्गेयमभिषिक्तवान्।
तदैतान्युग्ररूपाणि बभूवु: शतशो नृप॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों! जब राजा दुर्योधन ने गंगापुत्र भीष्म को सेनापति पद पर अभिषिक्त किया, उसी समय ये सैकड़ों भयंकर विपत्तियाँ घटित हुईं ॥31॥
 
O lord of men! When king Duryodhana anointed Ganga's son Bhishma as the commander in chief, at that very moment hundreds of these horrific calamities occurred. ॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)