सैनापत्ये यदा राजा गाङ्गेयमभिषिक्तवान्।
तदैतान्युग्ररूपाणि बभूवु: शतशो नृप॥ ३१॥
अनुवाद
हे मनुष्यों! जब राजा दुर्योधन ने गंगापुत्र भीष्म को सेनापति पद पर अभिषिक्त किया, उसी समय ये सैकड़ों भयंकर विपत्तियाँ घटित हुईं ॥31॥
O lord of men! When king Duryodhana anointed Ganga's son Bhishma as the commander in chief, at that very moment hundreds of these horrific calamities occurred. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥