Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.156.29: हाथियों की चिंघाड़ के साथ-साथ गड़गड़ाहट जैसी भयानक ध्वनियाँ होने लगीं। पृथ्वी काँपने लगी। इन सब विक्षोभों ने प्रकट होकर सभी योद्धाओं के मानसिक उत्साह को दबा दिया।   |   mahabharat अध्याय 5.156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.156.29 
निर्घाता: पृथिवीकम्पा गजबृंहितनि:स्वना:।
आसंश्च सर्वयोधानां पातयन्तो मनांस्युत॥ २९॥
 
 
अनुवाद
हाथियों की चिंघाड़ के साथ-साथ गड़गड़ाहट जैसी भयानक ध्वनियाँ होने लगीं। पृथ्वी काँपने लगी। इन सब विक्षोभों ने प्रकट होकर सभी योद्धाओं के मानसिक उत्साह को दबा दिया।
 
Along with the trumpeting of the elephants, there were terrifying sounds like thunder. The earth started shaking. All these disturbances appeared and suppressed the mental enthusiasm of all the warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)