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mahabharat 5.156.25: कर्ण ने कहा, "हे राजन! जब तक गंगापुत्र भीष्म जीवित हैं, मैं युद्ध नहीं करूँगा। मैं गाण्डीवधारी अर्जुन के मारे जाने के बाद ही उनसे युद्ध करूँगा।"   |   mahabharat अध्याय 5.156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  5.156.25 
कर्ण उवाच
नाहं जीवति गाङ्गेये राजन् योत्स्ये कथंचन।
हते भीष्मे तु योत्स्यामि सह गाण्डीवधन्वना॥ २५॥
 
 
अनुवाद
कर्ण ने कहा, "हे राजन! जब तक गंगापुत्र भीष्म जीवित हैं, मैं युद्ध नहीं करूँगा। मैं गाण्डीवधारी अर्जुन के मारे जाने के बाद ही उनसे युद्ध करूँगा।"
 
Karna said, "O King! I will not fight as long as Ganga's son Bhishma is alive. I will fight with Gandiva-wielding Arjun only after he is killed."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)