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mahabharat 5.156.24: हे पृथ्वी के स्वामी! या तो कर्ण पहले युद्ध करे या मैं लड़ूँगा, क्योंकि यह सारथी पुत्र सदैव युद्ध में मुझसे प्रतिस्पर्धा करता है।   |   mahabharat अध्याय 5.156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.156.24 
कर्णो वा युध्यतां पूर्वमहं वा पृथिवीपते।
स्पर्धते हि सदात्यर्थं सूतपुत्रो मया रणे॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे पृथ्वी के स्वामी! या तो कर्ण पहले युद्ध करे या मैं लड़ूँगा, क्योंकि यह सारथी पुत्र सदैव युद्ध में मुझसे प्रतिस्पर्धा करता है।
 
O lord of the earth! Either Karna should fight first or I will fight, because this son of a charioteer always competes with me in battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)