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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 156: दुर्योधनके द्वारा भीष्मजीका प्रधान सेनापतिके पदपर अभिषेक और कुरुक्षेत्रमें पहुँचकर शिविर-निर्माण
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श्लोक 14
श्लोक
5.156.14
भवता हि वयं गुप्ता: शक्रेणेव दिवौकस:।
अनाधृष्या भविष्यामस्त्रिदशानामपि ध्रुवम्॥ १४॥
अनुवाद
इन्द्र द्वारा रक्षित देवताओं के समान हम भी आपके संरक्षण में रहकर देवताओं के लिए भी अजेय हो जायेंगे॥14॥
Like the gods protected by Indra, being under your protection we shall certainly become invincible even to the gods.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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