Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.155.31-33: सबसे पहले उन्होंने कृपाचार्य, द्रोणाचार्य तथा अश्वत्थामा- इन महापुरुषों तथा मद्रराज शल्य, सिन्धुराज जयद्रथ, कम्बोजराज सुदक्षिण, कृतवर्मा, कर्ण, भूरिश्रवा, सुबलपुत्र शकुनि तथा महाबली बाह्लीक- इन राजाओं को बुलाकर उनमें से प्रत्येक को अलग-अलग अक्षौहिणी सेना का सेनापति नियुक्त करके विधि-विधान से उनका अभिषेक किया। 31-33॥ | mahabharat अध्याय 5.155: दुर्योधनके द्वारा सेनाओंका विभाजन और पृथक्-पृथक् अक्षौहिणियोंके सेनापतियोंका अभिषेक । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पृथगक्षौहिणीनां च प्रणेतॄन् नरसत्तमान्।
विधिवत् पूर्वमानीय पार्थिवानभ्यषेचयत्॥ ३१॥
कृपं द्रोणं च शल्यं च सैन्धवं च जयद्रथम्।
सुदक्षिणं च काम्बोजं कृतवर्माणमेव च॥ ३२॥
द्रोणपुत्रं च कर्णं च भूरिश्रवसमेव च।
शकुनिं सौबलं चैव बाह्लीकं च महाबलम्॥ ३३॥
अनुवाद
सबसे पहले उन्होंने कृपाचार्य, द्रोणाचार्य तथा अश्वत्थामा- इन महापुरुषों तथा मद्रराज शल्य, सिन्धुराज जयद्रथ, कम्बोजराज सुदक्षिण, कृतवर्मा, कर्ण, भूरिश्रवा, सुबलपुत्र शकुनि तथा महाबली बाह्लीक- इन राजाओं को बुलाकर उनमें से प्रत्येक को अलग-अलग अक्षौहिणी सेना का सेनापति नियुक्त करके विधि-विधान से उनका अभिषेक किया। 31-33॥
First he called Kripacharya, Dronacharya and Ashwatthama - these great men and Madraraj Shalya, Sindhuraj Jayadratha, Kambojraj Sudakshin, Kritavarma, Karna, Bhurishrava, Subalputra Shakuni and Mahabali Bahlika - these kings, after appointing each one of them separately as the leader of Akshauhini's army, anointed them with the rituals. 31-33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥