Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.155.29: तीन गुल्मों से मिलकर एक गण बनता है। दुर्योधन की सेना में पैदल योद्धाओं के ऐसे दस हज़ार से भी ज़्यादा गण थे।   |   mahabharat अध्याय 5.155: दुर्योधनके द्वारा सेनाओंका विभाजन और पृथक्-पृथक् अक्षौहिणियोंके सेनापतियोंका अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 155: दुर्योधनके द्वारा सेनाओंका विभाजन और पृथक्-पृथक् अक्षौहिणियोंके सेनापतियोंका अभिषेक  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.155.29 
त्रयो गुल्मा गणस्त्वासीद् गणास्त्वयुतशोऽभवन्।
दुर्योधनस्य सेनासु योत्स्यमाना: प्रहारिण:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
तीन गुल्मों से मिलकर एक गण बनता है। दुर्योधन की सेना में पैदल योद्धाओं के ऐसे दस हज़ार से भी ज़्यादा गण थे।
 
Three Gulmas make one Gana. There were more than ten thousand such Gana of foot warriors fighting in Duryodhana's army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)