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mahabharat 5.155.28: पचपन पैदल सैनिकों की एक टुकड़ी को 'पट्टी' कहते हैं। तीन 'पट्टी' मिलकर 'सेनामुख' कहलाते हैं। 'सेनामुख' का एक अन्य नाम 'गुलमा' भी है।   |   mahabharat अध्याय 5.155: दुर्योधनके द्वारा सेनाओंका विभाजन और पृथक्-पृथक् अक्षौहिणियोंके सेनापतियोंका अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.155.28 
नराणां पञ्चपञ्चाशदेषा पत्तिर्विधीयते।
सेनामुखं च तिस्रस्ता गुल्म इत्यभिशब्दितम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
पचपन पैदल सैनिकों की एक टुकड़ी को 'पट्टी' कहते हैं। तीन 'पट्टी' मिलकर 'सेनामुख' कहलाते हैं। 'सेनामुख' का एक अन्य नाम 'गुलमा' भी है।
 
A troop of fifty-five infantry is called a 'Patti'. Three 'Patis' together are called a 'Senamukha'. Another name for 'Senamukha' is 'Gulma'.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)