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mahabharat 5.155.23: प्रत्येक रथ के पीछे पचास हाथी, प्रत्येक हाथी के पीछे सौ घोड़े और प्रत्येक घोड़े के साथ सात पैदल सैनिक रखे गए, जिसका उद्देश्य सैनिकों के दो समूहों को एक करना था, जो समूह से अलग हो गए थे ॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 5.155: दुर्योधनके द्वारा सेनाओंका विभाजन और पृथक्-पृथक् अक्षौहिणियोंके सेनापतियोंका अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 155: दुर्योधनके द्वारा सेनाओंका विभाजन और पृथक्-पृथक् अक्षौहिणियोंके सेनापतियोंका अभिषेक  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.155.23 
रथस्य नागा: पञ्चाशन्नागस्यासन् शतं हया:।
हयस्य पुरुषा: सप्त भिन्नसंधानकारिण:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
प्रत्येक रथ के पीछे पचास हाथी, प्रत्येक हाथी के पीछे सौ घोड़े और प्रत्येक घोड़े के साथ सात पैदल सैनिक रखे गए, जिसका उद्देश्य सैनिकों के दो समूहों को एक करना था, जो समूह से अलग हो गए थे ॥ 23॥
 
Fifty elephants were arranged behind each chariot, a hundred horses behind each elephant and seven infantry soldiers with each horse, with the objective of uniting two groups of soldiers who had got separated from the group.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)