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श्लोक  5.155.17 
द्वावङ्कुशधरौ तत्र द्वावुत्तमधनुर्धरौ।
द्वौ वरासिधरौ राजन्नेक: शक्तिपिनाकधृक्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! उनमें से दो तो अंकुश धारण करने वाले महावत का काम करते थे, दो अच्छे धनुर्धर थे, दो अच्छी तलवारें रखते थे और एक भाला और त्रिशूल रखता था।
 
O King! Two of them used to work as mahouts holding goads, two were excellent archers, two carried good swords and one carried a spear and a trident.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)