Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.154.4: विदुर और भीष्मजी ने जो कहा है, वह भी तुमने सुन लिया है। हे महामूर्ख! माता कुन्ती के विचार भी तुमने भली-भाँति सुन लिए हैं॥4॥   |   mahabharat अध्याय 5.154: युधिष्ठिरका भगवान‍् श्रीकृष्णसे अपने समयोचित कर्तव्यके विषयमें पूछना, भगवान‍्का युद्धको ही कर्तव्य बताना तथा इस विषयमें युधिष्ठिरका संताप और अर्जुनद्वारा श्रीकृष्णके वचनोंका समर्थन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 154: युधिष्ठिरका भगवान‍् श्रीकृष्णसे अपने समयोचित कर्तव्यके विषयमें पूछना, भगवान‍्का युद्धको ही कर्तव्य बताना तथा इस विषयमें युधिष्ठिरका संताप और अर्जुनद्वारा श्रीकृष्णके वचनोंका समर्थन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.154.4 
विदुरस्यापि तद् वाक्यं श्रुतं भीष्मस्य चोभयो:।
कुन्त्याश्च विपुलप्रज्ञ प्रज्ञा कात्‍स्‍न्‍‍‍र्येन ते श्रुता॥ ४॥
 
 
अनुवाद
विदुर और भीष्मजी ने जो कहा है, वह भी तुमने सुन लिया है। हे महामूर्ख! माता कुन्ती के विचार भी तुमने भली-भाँति सुन लिए हैं॥4॥
 
‘You have also heard what Vidura and Bhishmaji have said. O great idiot! You have also fully heard the thoughts of mother Kunti.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)