Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.154.16: वैशम्पायनजी कहते हैं - हे भरतनन्दन! भगवान श्रीकृष्ण के ये वचन सुनकर सब राजा कुछ न बोले और केवल महाराज युधिष्ठिर के मुख की ओर देखते रहे। | mahabharat अध्याय 5.154: युधिष्ठिरका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने समयोचित कर्तव्यके विषयमें पूछना, भगवान्का युद्धको ही कर्तव्य बताना तथा इस विषयमें युधिष्ठिरका संताप और अर्जुनद्वारा श्रीकृष्णके वचनोंका समर्थन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - हे भरतनन्दन! भगवान श्रीकृष्ण के ये वचन सुनकर सब राजा कुछ न बोले और केवल महाराज युधिष्ठिर के मुख की ओर देखते रहे।
Vaishmpayana says - O Bharatanandan! On hearing these words of Lord Krishna, all the kings did not say anything and only looked at the face of Maharaja Yudhishthira.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥