श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 153: दुर्योधनका सेनाको सुसज्जित होने और शिविर-निर्माण करनेके लिये आज्ञा देना तथा सैनिकोंकी रणयात्राके लिये तैयारी  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.153.8 
वैशम्पायन उवाच
प्रतियाते तु दाशार्हे राजा दुर्योधनस्तदा।
कर्णं दु:शासनं चैव शकुनिं चाब्रवीदिदम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं- राजन! भगवान श्रीकृष्ण के चले जाने पर राजा दुर्योधन ने कर्ण, दु:शासन तथा शकुनि से यह कहा॥8॥
 
Vaishampayanji says- Rajan! After Lord Krishna left, King Duryodhana said this to Karna, Dushasan and Shakuni: 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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