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mahabharat 5.153.20: उन्होंने अपने कमल-सदृश हाथों से सिर पर पगड़ी बाँधी; फिर उन्होंने धोती, चादर और सभी प्रकार के आभूषण पहने।   |   mahabharat अध्याय 5.153: दुर्योधनका सेनाको सुसज्जित होने और शिविर-निर्माण करनेके लिये आज्ञा देना तथा सैनिकोंकी रणयात्राके लिये तैयारी   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 153: दुर्योधनका सेनाको सुसज्जित होने और शिविर-निर्माण करनेके लिये आज्ञा देना तथा सैनिकोंकी रणयात्राके लिये तैयारी  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.153.20 
उष्णीषाणि नियच्छन्त: पुण्डरीकनिभै: करै:।
अन्तरीयोत्तरीयाणि भूषणानि च सर्वश:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने अपने कमल-सदृश हाथों से सिर पर पगड़ी बाँधी; फिर उन्होंने धोती, चादर और सभी प्रकार के आभूषण पहने।
 
He tied the turban on his head with his lotus-like hands; then he wore a dhoti, a sheet and all kinds of ornaments.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)