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श्लोक 5.153.16  |
विविधायुधपूर्णानि पताकाध्वजवन्ति च।
समाश्च तेषां पन्थान: क्रियन्तां नगराद् बहि:॥ १६॥ |
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| अनुवाद |
| उन शिविरों को नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से पूर्ण रखना चाहिए और ध्वजाओं तथा पताकाओं से सजाना चाहिए। जो भी शिविरों का नगर बसाया जाए, उसके बाहर उन शिविरों तक पहुँचने के लिए अनेक सीधी और समतल सड़कें बनानी चाहिए। 16॥ |
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| ‘Those camps should be kept full of different types of weapons and decorated with flags and banners. Whatever city of camps is established, many straight and level roads should be made outside it to reach those camps. 16॥ |
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