श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 153: दुर्योधनका सेनाको सुसज्जित होने और शिविर-निर्माण करनेके लिये आज्ञा देना तथा सैनिकोंकी रणयात्राके लिये तैयारी  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.153.12 
विराटद्रुपदौ चैव कृतवैरौ मया सह।
तौ च सेनाप्रणेतारौ वासुदेववशानुगौ॥ १२॥
 
 
अनुवाद
विराट और द्रुपद तो पहले से ही मुझसे शत्रुता रखते हैं। वे दोनों पाण्डव सेना के सेनापति हैं और श्रीकृष्ण की आज्ञा में हैं॥12॥
 
Virat and Drupada are already hostile towards me. Both of them are the commanders of the Pandava army and are under the command of Shri Krishna.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)