Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.152.16: वहाँ पर्वतों के समान विशाल बहुत से हाथी दिखाई दे रहे थे, जो लाखों योद्धाओं से लड़ने में समर्थ थे, वे सब काँटों वाले कवच पहने हुए थे, लोहे के कवच और लोहे के झूले पहने हुए थे॥16॥   |   mahabharat अध्याय 5.152: कुरुक्षेत्रमें पाण्डव-सेनाका पड़ाव तथा शिविर-निर्माण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 152: कुरुक्षेत्रमें पाण्डव-सेनाका पड़ाव तथा शिविर-निर्माण  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.152.16 
गजा: कण्टकसंनाहा लोहवर्मोत्तरच्छदा:।
दृश्यन्ते तत्र गिर्याभा: सहस्रशतयोधिन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पर्वतों के समान विशाल बहुत से हाथी दिखाई दे रहे थे, जो लाखों योद्धाओं से लड़ने में समर्थ थे, वे सब काँटों वाले कवच पहने हुए थे, लोहे के कवच और लोहे के झूले पहने हुए थे॥16॥
 
There were seen many elephants as huge as mountains, capable of fighting with millions of warriors, all decked out in thorny armor, wearing iron armour and iron swings.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)