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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 152: कुरुक्षेत्रमें पाण्डव-सेनाका पड़ाव तथा शिविर-निर्माण
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श्लोक 15
श्लोक
5.152.15
महायन्त्राणि नाराचास्तोमराणि परश्वधा:।
धनूंषि कवचादीनि ऋष्टयस्तूणसंयुता:॥ १५॥
अनुवाद
बड़ी-बड़ी मशीनें, तीर, गदा, कुल्हाड़ी, धनुष, कवच, भाले और तरकश - ये सभी चीजें भी उन शिविरों में संग्रहित की गई थीं।
Big machines, arrows, maces, axes, bows, armour, spears and quivers - all these things were also stored in those camps.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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