श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  5.151.67 
अनाधृष्टिश्चेकितानो धृष्टकेतुश्च सात्यकि:।
परिवार्य ययु: सर्वे वासुदेवधनंजयौ॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
अनाधृष्टि, चेकितान, धृष्टकेतु और सात्यकि – ये सभी लोग भगवान कृष्ण और अर्जुन को घेरे हुए थे। 67॥
 
Anadhrishti, Chekitana, Dhrishtaketu and Satyaki – all these people were surrounding Lord Krishna and Arjun. 67॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)