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mahabharat 5.151.62: राजा! ब्राह्मणों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और पाण्डवों की स्तुति गाई और पाण्डवों ने उन्हें गौएँ, स्वर्ण आदि दान दिए। इस प्रकार वे रत्नजटित रथों पर बैठकर यात्रा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 5.151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  5.151.62 
ददतो गां हिरण्यं च ब्राह्मणैरभिसंवृता:।
स्तूयमाना ययू राजन् रथैर्मणिविभूषितै:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
राजा! ब्राह्मणों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और पाण्डवों की स्तुति गाई और पाण्डवों ने उन्हें गौएँ, स्वर्ण आदि दान दिए। इस प्रकार वे रत्नजटित रथों पर बैठकर यात्रा कर रहे थे।
 
King! The Brahmins surrounded them from all sides and sang the praises of the Pandavas and the Pandavas gave them gifts of cows and gold etc. In this way they were travelling sitting on gem-decorated chariots.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)