श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  5.151.61 
कृत्वा मूलप्रतीकारं गुल्मै: स्थावरजङ्गमै:।
स्कन्धावारेण महता प्रययु: पाण्डुनन्दना:॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
किले की सुरक्षा के लिए आवश्यक स्थावर (प्राचीर और खाइयाँ आदि) तथा स्त्रियों और धन की सुरक्षा के लिए चल (रक्षकों की नियुक्ति आदि) साधनों द्वारा समुचित व्यवस्था करके पाण्डव अनेक तंबू और शिविर आदि साथ लेकर चल पड़े।
 
Having made proper arrangements for the protection of the fort through necessary immovable (ramparts and ditches etc.) and movable (appointment of guards etc.) means for the safety of women and wealth, the Pandavas set out taking with them many tents and camps etc.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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