श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  5.151.59 
फल्गु यच्च बलं किंचिद् यच्चापि कृशदुर्बलम्।
तत् संगृह्य ययौ राजा ये चापि परिचारका:॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
राजा युधिष्ठिर ने अन्य सेवकों सहित समस्त दुबली-पतली, दुर्बल और कृशकाय सेना को उपप्लव्य में एकत्रित किया और फिर वहाँ से प्रस्थान किया ॥59॥
 
King Yudhishthira assembled all the troops that were thin, weak or emaciated, along with other attendants, in Upaplavya and then departed from there. ॥ 59॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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