Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.151.57: वे सब सैनिक हर्ष में भरे हुए, कवच आदि से सुसज्जित होकर शत्रु सेना का नाश करने के लिए उत्साह से भरे हुए थे। कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर समस्त सैनिकों के बीच से होकर चले॥57॥   |   mahabharat अध्याय 5.151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  5.151.57 
प्रहृष्टा दंशिता योधा: परानीकविदारणा:।
तेषां मध्ये ययौ राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिर:॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
वे सब सैनिक हर्ष में भरे हुए, कवच आदि से सुसज्जित होकर शत्रु सेना का नाश करने के लिए उत्साह से भरे हुए थे। कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर समस्त सैनिकों के बीच से होकर चले॥57॥
 
All those soldiers, full of joy and decked with armour etc., were full of enthusiasm to destroy the enemy army. King Yudhishthira, son of Kunti, walked through the midst of all the soldiers. ॥ 57॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)