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mahabharat 5.151.49-50: वैशम्पायन कहते हैं - हे राजन! भगवान श्रीकृष्ण की यह बात सुनकर पाण्डवश्रेष्ठ वीर बहुत प्रसन्न हुए। तब सब योद्धा युद्ध के लिए 'तैयार हो जाओ, तैयार हो जाओ' कहते हुए बड़ी तेजी से इधर-उधर दौड़ने लगे। उस समय उन प्रसन्न योद्धाओं की हर्ष की गर्जना सर्वत्र गूँज उठी।   |   mahabharat अध्याय 5.151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 49-50
 
 
श्लोक  5.151.49-50 
वैशम्पायन उवाच
एवमुक्ते तु कृष्णेन सम्प्राहृष्यन्नरोत्तमा:॥ ४९॥
तेषां प्रहृष्टमनसां नाद: समभवन्महान्।
योग इत्यथ सैन्यानां त्वरतां सम्प्रधावताम्॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं - हे राजन! भगवान श्रीकृष्ण की यह बात सुनकर पाण्डवश्रेष्ठ वीर बहुत प्रसन्न हुए। तब सब योद्धा युद्ध के लिए 'तैयार हो जाओ, तैयार हो जाओ' कहते हुए बड़ी तेजी से इधर-उधर दौड़ने लगे। उस समय उन प्रसन्न योद्धाओं की हर्ष की गर्जना सर्वत्र गूँज उठी।
 
Vaishampayana says - O King! On hearing this from Lord Krishna, the best of the Pandavas became very happy. Then all the soldiers started running around in great haste, saying, 'Get ready, get ready' for the war. At that time, the loud cries of joy of those happy warriors resounded everywhere. 49-50.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)