Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.151.39-40: वैशम्पायन जी कहते हैं - हे राजन! बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर के ये वचन सुनकर कमलनेत्र भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की ओर देखते हुए कहा - 'महाराज! आपने जिन वीरों के नाम बताये हैं, वे सभी मेरे विचार से सेनापति होने के योग्य हैं; क्योंकि वे सभी बड़े पराक्रमी योद्धा हैं। | mahabharat अध्याय 5.151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन जी कहते हैं - हे राजन! बुद्धिमान धर्मराज युधिष्ठिर के ये वचन सुनकर कमलनेत्र भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की ओर देखते हुए कहा - 'महाराज! आपने जिन वीरों के नाम बताये हैं, वे सभी मेरे विचार से सेनापति होने के योग्य हैं; क्योंकि वे सभी बड़े पराक्रमी योद्धा हैं।
Vaishmpayana says - O King! On hearing these words of the wise Dharmaraja Yudhishthira, the lotus-eyed Lord Krishna looking at Arjun said - 'Maharaj! All the brave men whose names you have mentioned are, in my opinion also, worthy of being the commanders of the army; because all of them are very valiant warriors.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥