श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  5.151.33 
युधिष्ठिर उवाच
सर्वस्य जगतस्तात सारासारं बलाबलम्।
सर्वं जानाति धर्मात्मा मतमेषां च केशव:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - हे पिताश्री, धर्मात्मा भगवान श्रीकृष्ण सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का भेद जानते हैं। वे इस विषय में इन सभी राजाओं की राय से भी भली-भाँति परिचित हैं।
 
Yudhishthira said - Dear father, the righteous Lord Krishna knows the ins and outs of the whole universe. He is also fully aware of the opinion of all these kings on this matter.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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