श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.151.2 
श्रुतं भवद्भिर्यद् वृत्तं सभायां कुरुसंसदि।
केशवस्यापि यद् वाक्यं तत् सर्वमवधारितम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
कौरव सभा में जो कुछ हुआ, वह सब तुमने सुन लिया है। भगवान श्रीकृष्ण ने जो कहा, वह भी तुम भली-भाँति समझ गए होगे॥ 2॥
 
You have heard all the details of what happened in the Kaurava Sabha. You must have also understood well what Lord Krishna said.॥ 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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