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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 151: पाण्डवपक्षके सेनापतिका चुनाव तथा पाण्डव-सेनाका कुरुक्षेत्रमें प्रवेश
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श्लोक 11
श्लोक
5.151.11
वैशम्पायन उवाच
तथोक्ते सहदेवेन वाक्ये वाक्यविशारद:।
नकुलोऽनन्तरं तस्मादिदं वचनमाददे॥ ११॥
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं: जनमेजय! सहदेव के ऐसा कहने पर वक्तृत्व-कुशल नकुल ने यह कहा:॥11॥
Vaishmpayana says: Janamejaya! After Sahadeva said this, Nakula, skilled in oratory, said the following:॥ 11॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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