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mahabharat 5.150.9: जब वे समानित नीति को स्वीकार न कर सके, तब मैंने फूट डालने की नीति अपनाई (उनमें फूट डालने का प्रयत्न किया) और पाण्डवों के दिव्य और मानवीय कर्मों का बार-बार वर्णन किया॥9॥   |   mahabharat अध्याय 5.150: श्रीकृष्णका कौरवोंके प्रति साम, दान और भेदनीतिके प्रयोगकी असफलता बताकर दण्डके प्रयोगपर जोर देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.150.9 
पुनर्भेदश्च मे युक्तो यदा साम न गृह्यते।
कर्मानुकीर्तनं चैव देवमानुषसंहितम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जब वे समानित नीति को स्वीकार न कर सके, तब मैंने फूट डालने की नीति अपनाई (उनमें फूट डालने का प्रयत्न किया) और पाण्डवों के दिव्य और मानवीय कर्मों का बार-बार वर्णन किया॥9॥
 
When they could not accept the policy of Samanit, then I used the policy of division (tried to create divisions among them). I repeatedly described the divine and human deeds of the Pandavas.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)