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mahabharat 5.150.20: हे पाण्डुपुत्र! वे कौरव बिना युद्ध किये तुम्हें राज्य नहीं देंगे। उनके विनाश का कारण एकत्रित हो चुका है और उनकी मृत्यु का समय भी आ पहुँचा है।   |   mahabharat अध्याय 5.150: श्रीकृष्णका कौरवोंके प्रति साम, दान और भेदनीतिके प्रयोगकी असफलता बताकर दण्डके प्रयोगपर जोर देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.150.20 
न ते राज्यं प्रयच्छन्ति विना युद्धेन पाण्डव।
विनाशहेतव: सर्वे प्रत्युपस्थितमृत्यव:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे पाण्डुपुत्र! वे कौरव बिना युद्ध किये तुम्हें राज्य नहीं देंगे। उनके विनाश का कारण एकत्रित हो चुका है और उनकी मृत्यु का समय भी आ पहुँचा है।
 
O son of Pandu! Those Kauravas will not give you the kingdom without a fight. The cause for their destruction has been gathered and their time of death has also arrived.
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि श्रीकृष्णवाक्ये पञ्चाशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १५०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें श्रीकृष्णवाक्यविषयक एक सौ पचासवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १५०॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)