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mahabharat 5.150.10: जब मैंने देखा कि दुर्योधन मेरे सांत्वना भरे शब्दों पर ध्यान नहीं दे रहा है, तो मैंने सभी राजाओं को बुलाया और उनमें फूट डालने का प्रयास किया।   |   mahabharat अध्याय 5.150: श्रीकृष्णका कौरवोंके प्रति साम, दान और भेदनीतिके प्रयोगकी असफलता बताकर दण्डके प्रयोगपर जोर देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.150.10 
यदा नाद्रियते वाक्यं सामपूर्वं सुयोधन:।
तदा मया समानीय भेदिता: सर्वपार्थिवा:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जब मैंने देखा कि दुर्योधन मेरे सांत्वना भरे शब्दों पर ध्यान नहीं दे रहा है, तो मैंने सभी राजाओं को बुलाया और उनमें फूट डालने का प्रयास किया।
 
When I saw that Duryodhana was not heeding my consoling words, I called all the kings and tried to create divisions among them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)