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mahabharat 5.150.1: भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - राजन ! भीष्म, द्रोण, विदुर, गांधारी और धृतराष्ट्र के ऐसा कहने पर भी मंदबुद्धि दुर्योधन को होश नहीं आया ॥1॥   |   mahabharat अध्याय 5.150: श्रीकृष्णका कौरवोंके प्रति साम, दान और भेदनीतिके प्रयोगकी असफलता बताकर दण्डके प्रयोगपर जोर देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.150.1 
वासुदेव उवाच
एवमुक्ते तु भीष्मेण द्रोणेन विदुरेण च।
गान्धार्या धृतराष्ट्रेण न वै मन्दोऽन्वबुद्धॺत॥ १॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - राजन ! भीष्म, द्रोण, विदुर, गांधारी और धृतराष्ट्र के ऐसा कहने पर भी मंदबुद्धि दुर्योधन को होश नहीं आया ॥1॥
 
Lord Shri Krishna says – King! Despite Bhishma, Drona, Vidur, Gandhari and Dhritarashtra saying this, the dull-witted Duryodhana did not regain consciousness at all. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)