Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.15.23: उधर नहुष से विदा लेकर इन्द्राणी बृहस्पति के यहाँ गयी और इस प्रकार बोली - 'हे देवगुरु! नहुष ने मेरे लिए जो समय निश्चित किया है, उसमें से अब थोड़ा ही समय शेष है॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 5.15: इन्द्रकी आज्ञासे इन्द्राणीके अनुरोधपर नहुषका ऋषियोंको अपना वाहन बनाना तथा बृहस्पति और अग्निका संवाद । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नहुषेण विसृष्टा च बृहस्पतिमथाब्रवीत्।
समयोऽल्पावशेषो मे नहुषेणेह य: कृत:॥ २३॥
अनुवाद
उधर नहुष से विदा लेकर इन्द्राणी बृहस्पति के यहाँ गयी और इस प्रकार बोली - 'हे देवगुरु! नहुष ने मेरे लिए जो समय निश्चित किया है, उसमें से अब थोड़ा ही समय शेष है॥ 23॥
On the other hand, after taking leave from Nahusha, Indrani went to Brihaspati's place and said thus - 'O Devguru! Only a little is left of the time fixed by Nahusha for me.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥