इन्द्रस्य वाजिनो वाहा हस्तिनोऽथ रथास्तथा॥ ११॥
इच्छाम्यहमथापूर्वं वाहनं ते सुराधिप।
यन्न विष्णोर्न रुद्रस्य नासुराणां न रक्षसाम्॥ १२॥
अनुवाद
सुरेश्वर! पूर्वकाल के इन्द्रों के वाहन हाथी, घोड़े और रथ आदि थे; किन्तु मेरी इच्छा है कि आपका वाहन सर्वथा अद्वितीय और असाधारण हो। वह वाहन ऐसा हो, जिसका उपयोग भगवान विष्णु, रुद्र, दैत्यों और दानवों ने भी न किया हो। ॥11-12॥
Sureshwar! The vehicles of the earlier Indras were elephants, horses and chariots etc. but it is my wish that your vehicle should be completely unique and extraordinary. That vehicle should be such that it has not been used even by Lord Vishnu, Rudra, demons and devils. ॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥