श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.149.6 
यदुश्च भरतश्रेष्ठ देवयान्या: सुतोऽभवत्।
दौहित्रस्तात शुक्रस्य काव्यस्यामिततेजस:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! यदु देवयानी के पुत्र थे। तात! वह देखने में अमित तेजस्वी शुक्राचार्य का पुत्र लगता था। 6॥
 
‘Bharatshrestha! Yadu was the son of Devayani. Tat! He looked like the son of Amit Tejashwi Shukracharya. 6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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