vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश
»
श्लोक 6
श्लोक
5.149.6
यदुश्च भरतश्रेष्ठ देवयान्या: सुतोऽभवत्।
दौहित्रस्तात शुक्रस्य काव्यस्यामिततेजस:॥ ६॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! यदु देवयानी के पुत्र थे। तात! वह देखने में अमित तेजस्वी शुक्राचार्य का पुत्र लगता था। 6॥
‘Bharatshrestha! Yadu was the son of Devayani. Tat! He looked like the son of Amit Tejashwi Shukracharya. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×