श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  5.149.32 
युधिष्ठिरो राजपुत्रो महात्मा
न्यायागतं राज्यमिदं च तस्य।
स कौरवस्यास्य कुलस्य भर्ता
प्रशासिता चैव महानुभाव:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
महात्मा युधिष्ठिर राजा के पुत्र हैं, अतः न्यायपूर्वक प्राप्त इस राज्य पर उनका अधिकार है। वे इस कौरव वंश के पालक, स्वामी और शासक हैं। उनका प्रभाव महान है॥ 32॥
 
‘Mahatma Yudhishthira is the son of the king, hence he has the right over this kingdom which he has acquired through justice. He is the caretaker of this Kaurava clan, the master and the ruler of this kingdom. His influence is great.॥ 32॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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