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mahabharat 5.149.26: इससे राजा को बड़ा दुःख हुआ। वह अपने पुत्र के लिए बहुत शोक से भर गया। राजा को रोका गया देखकर देवापि वन में चला गया॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 5.149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.149.26 
तत: प्रव्यथिताङ्गोऽसौ पुत्रशोकसमन्वित:।
निवारितं नृपं दृष्ट्वा देवापि: संश्रितो वनम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
इससे राजा को बड़ा दुःख हुआ। वह अपने पुत्र के लिए बहुत शोक से भर गया। राजा को रोका गया देखकर देवापि वन में चला गया॥ 26॥
 
‘This caused great pain to the king. He was filled with grief for his son. Seeing that the king was being stopped, Devapi went into the forest.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)