श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.149.20 
बाह्लीकस्य प्रियो भ्राता शान्तनोश्च महात्मन:।
सौभ्रात्रं च परं तेषां सहितानां महात्मनाम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
वे बाह्लीक और महात्मा शान्तनु के प्रिय मित्र थे। वे तीनों महामना भाई आपस में एकनिष्ठ होकर सगे भाइयों के समान स्नेहपूर्ण सम्बन्ध रखते थे।
 
‘He was the dear friend of Bahlika and Mahatma Shantanu. Those three great-minded brothers, who were united with each other, had affectionate relations like good brothers.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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