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mahabharat 5.149.2: बेटा दुर्योधन! मेरी बात सुनो। तुम्हारा कल्याण हो। यदि तुम्हारे हृदय में अपने पिता के प्रति थोड़ा भी आदर है, तो मैं जो कुछ कहूँ, वह करो।॥2॥   |   mahabharat अध्याय 5.149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.149.2 
दुर्योधन निबोधेदं यत् त्वां वक्ष्यामि पुत्रक।
तथा तत् कुरु भद्रं ते यद्यस्ति पितृगौरवम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
बेटा दुर्योधन! मेरी बात सुनो। तुम्हारा कल्याण हो। यदि तुम्हारे हृदय में अपने पिता के प्रति थोड़ा भी आदर है, तो मैं जो कुछ कहूँ, वह करो।॥2॥
 
Son Duryodhan! Listen to me. May you be blessed. If you have any respect for your father in your heart, then do whatever I tell you.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)