श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.149.16 
देवापिरभवच्छ्रेष्ठो बाह्लीकस्तदनन्तरम्।
तृतीय: शान्तनुस्तात धृतिमान् मे पितामह:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तात! देवापि उनमें श्रेष्ठ थे। उनके बाद जो राजकुमार हुए उनका नाम बाह्लीक था और प्रतीप के तीसरे पुत्र मेरे धैर्यवान दादा शान्तनु थे। 16॥
 
‘Tat! Devapi was the best among them. The name of the prince after him was Bahlika and the third son of Pratip was my patient grandfather Shantanu. 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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