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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश
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श्लोक 14
श्लोक
5.149.14
तथैव सर्वधर्मज्ञ: पितुर्मम पितामह:।
प्रतीप: पृथिवीपालस्त्रिषु लोकेषु विश्रुत:॥ १४॥
अनुवाद
इसी प्रकार मेरे पिता के पितामह राजा प्रतीप समस्त धर्मों के ज्ञाता तथा तीनों लोकों में विख्यात थे॥14॥
‘Similarly, my father's grandfather, King Pratipa, was a knower of all religions and was famous in the three worlds.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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