श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 149: दुर्योधनके प्रति धृतराष्ट्रके युक्तिसंगत वचन—पाण्डवोंको आधा राज्य देनेके लिये आदेश  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.149.10 
तं पिता परमक्रुद्धो ययातिर्नहुषात्मज:।
शशाप पुत्रं गान्धारे राज्याच्चापि व्यरोपयत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘गांधारीपुत्र! यदु के पिता नहुषनंदन ययाति ने अत्यन्त क्रोधित होकर यदु को शाप दे दिया तथा राज्य से भी निकाल दिया॥10॥
 
‘Son of Gandhari! Yadu's father Nahushanandan Yayati became very angry and cursed Yadu and also removed him from the kingdom. 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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